Samastipur : समस्तीपुर में लगाए जाएंगे 15 लाख पौधे.

समस्तीपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण के लिए चालू वित्तीय वर्ष में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। पौधारोपण और वन संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए, इस वित्तीय वर्ष में करीब 15 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इनमें से 7 लाख पौधे मनरेगा योजना के तहत लगाए जाएंगे।

डीएम का निर्देश:

डीएम योगेंद्र सिंह ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि सभी प्रखंडों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण हो। मियावाकी विधि से जंगलरोपण के तहत पौधे लगाए जाएंगे, जिसमें निजी जमीन पर भी जमीन मालिकों की सहमति से पौधरोपण किया जाएगा। गांवों में आंवला, बेलपत्र, पीपल, और बड़ के पौधे मंदिर, जोहड़ किनारे, चौपाल परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे।

प्रमुख पौधे:

   

वन विभाग जामुन, जमोया, अमरूद, सदाबहार, पिलखन, आम, आंवला, कटहल, नीम, अर्जुन, पीपल और सिल्वर ओक के पौधे लगाने पर जोर दे रहा है। जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आम लोगों को भी निजी भूमि पर पौधे लगाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।

जल-जीवन-हरियाली योजना:

जल-जीवन-हरियाली योजना के अंतर्गत सभी पंचायतों में 2200 पौधे लगाने का लक्ष्य है। 7 लाख से अधिक पौधे ग्राम पंचायतों में लगाए जाएंगे। यह पौधरोपण मनरेगा की राशि से किया जाएगा। बिहार पृथ्वी दिवस यानी 9 अगस्त को ग्राम पंचायतों में एक साथ पौधे लगाए जाएंगे। मिशन के तहत पौधरोपण के काम में कई विभागों को जोड़ा जाएगा, जिसमें भूमि संरक्षण विभाग और लघु सिंचाई विभाग प्रमुख हैं।

जल संरक्षण और पौधरोपण:

भूमि संरक्षण विभाग और लघु सिंचाई विभाग को जल संरक्षण के तहत आहर-पोखर का जीर्णोद्धार और वर्षा जल संरक्षण के कार्यों का टास्क दिया गया है। जहां भी जल संरक्षण के कार्य होंगे, वहां पौधे लगाए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम:

यदि सबकुछ सही तरीके से हुआ तो इस वर्ष धरा को हरा-भरा करने का अभियान एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। समस्तीपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण के ये प्रयास भविष्य में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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