Samastipur Police : समस्तीपुर में अब पुलिस लैपटॉप व स्मार्ट फोन से दर्ज करेगी केस के जाँच की रिपोर्ट.

समस्तीपुर जिले के सरायरंजन स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज में 1 जुलाई से लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानूनों और बदलाव को लेकर पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का नेतृत्व ट्रैफिक सह साइबर डीएसपी आशीष राज ने किया। 10 जून से 20 जून तक सत्रवार तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस उपाधीक्षक, पुलिस निरीक्षक, पुलिस अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक और पीटीसी उत्तीर्ण सिपाही शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के बारे में गहन जानकारी प्रदान की गई।

यह प्रशिक्षण बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित किया जा रहा है, जिसमें जिले के लगभग 600 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के बाद 25 से 27 जून के बीच सभी प्रशिक्षणार्थियों का टेस्ट भी लिया जाएगा ताकि नए कानूनों और बदलावों को लागू करने में कोई कठिनाई न हो। इसके बाद, कोर्ट से वारंट और कुर्की का आदेश भी डिजिटल माध्यम से ही प्राप्त होगा, जिससे सभी प्रक्रियाएं डिजिटल हो जाएंगी।

नए आपराधिक कानून और बदलाव के तहत 1 जुलाई से भारतीय पीनल कोड (आईपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होंगे। इन नए कानूनों के लागू होने से अपराध की पहचान बदल जाएगी और विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उदाहरण के लिए, हत्या के लिए आईपीसी की धारा 302 की जगह अब नए कानून की धारा 101 के तहत कार्रवाई होगी, ठगी के लिए आईपीसी की धारा 420 की जगह धारा 316 और हत्या के प्रयास के लिए आईपीसी की धारा 307 की जगह धारा 109 लागू होगी। रेप के मामलों में धारा 376 की जगह अब धारा 63 प्रयुक्त होगी।

   

एएसपी संजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि “नए आपराधिक कानून और बदलाव कानूनप्रिय लोगों के लिए काफी बेहतर हैं। इनमें अपराधियों के लिए कड़े कानूनों की व्यवस्था की गई है, जिससे अपराध दर नियंत्रित रहेगा। नए बदलावों से पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान करेगी।”

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