समस्तीपुर के लाल को आखिरी सलाम, जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर. Last Salute to Soldier of Samastipur

Last Salute to Soldier of Samastipur: समस्तीपुर ज़िले के ताजपुर प्रखंड क्षेत्र की अधारपुर पंचायत के वार्ड संख्या 7 निवासी शिवशंकर राय उर्फ दरोगा राय एवं कौशल्या देवी के पुत्र हवलदार जितेंद्र कुमार (37) की आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में इलाज के दौरान 13 जुलाई को निधन हो गया। वे विगत तीन महीने से बीमार चल रहे थे। जितेंद्र कुमार वर्तमान में एडी रेजिमेंट जम्मू में कार्यरत थे। जितेंद्र कुमार वर्ष दो हजार में भारतीय थल सेना के 23 आरआर में सिपाही के रूप चयनित हुए थे। वह एक अच्छे बॉक्सर थे । सेना की ओर से खेलते हुए उन्होंने कई पदक भी प्राप्त किया था ।

पार्थिव शरीर को साथ में लेकर आए सेना के जवान ने बताया कि जब जितेंद्र बॉक्सिंग के लिए रिंग में उतरता तो अच्छे अच्छे की हेंकरी गुम हो जाती थी । खेल के दौरान ही लगभग तीन महीने पूर्व जितेंद्र का तबीयत खराब हुआ था । उसे आर्मी अस्पताल दिल्ली में भर्ती कराया गया। वहां उनका इलाज हुआ। सही होने के बाद वह अपने बड़े भाई निरंजन के घर अंबाला आया हुआ था । लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें फिर से बीमारी ने घेर लिया। उपचार के लिए दिल्ली के ही आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान बीते 13 जुलाई बुधवार की दोपहर उनकी मौत हो गई ।

तीन भाइयों में सबसे छोटे जितेंद्र कुमार की 2006 में मुजफ्फरपुर में हुई थी शादी:

तीन भाइयों में सबसे छोटे जितेंद्र कुमार की सोलह साल पहले वर्ष 2006 में मुजफ्फरपुर के कुमारी रंजना से शादी हुई थी । जितेंद्र अपने पीछे दो लड़का विशाल (13) एवं श्रेयांस (5) को छोड़कर दुनिया को अलविदा कर दिया। बड़ा भाई निलेंद्र कुमार भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त है। वहीं निलेंद प्रसाद अंबाला में सर्विस करते हैं । शुक्रवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जितेंद्र का बड़ा बेटा विशाल ने अपने जांबाज पिता को मुखाग्नि दिया। शव यात्रा में भारत माता की जय, जितेंद्र कुमार अमर रहे के जय घोष के साथ सेना के जवान समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे। मुखिया प्रतिनिधि मनीष यादव, पंसस पवन कुमार यादव, समाजसेवी सुरेंद्र भगत, विश्वनाथ भगत, मनोज राय समेत लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर जितेंद्र कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित किया ।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़:

शुक्रवार को तिरंगा में लिपटा हुआ जितेंद्र का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पर आया घर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। गांव में मातमी संन्नाटा छा गया । पार्थिव शरीर पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पार्थिव शरीर के साथ मुजफ्फरपुर से आई जाट रेजीमेंट के जवानों ने जितेंद्र को गार्ड आॅफ ऑनर देते हुए मातमी धुनों के साथ अंतिम विदाई दी। इस दौरान सभी की आंखें नम थीं।

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