युद्धपोत से भारत ने दागा ब्रह्मोस: जानिए चीन से तनाव के बीच दो महीनों में किन-किन मिसाइलों का हुआ परीक्षण

 

 

भारत ने रविवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के नेवल वर्जन का परीक्षण किया। ब्रह्मोस को भारतीय नौसेना के स्वदेश निर्मित विध्वंसक पोत से अरब सागर में दागा गया और इसने लक्ष्य को पूरी सटीकता से भेद दिया। ब्रह्मोस की सफल टेस्टिंग के साथ ने महज दो महीने के भीतर 11 मिसाइलों का परीक्षण किया है।

 

मिसाइलों की टेस्टिंग ऐसे समय में हो रही है जब भारत का पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन के साथ तनाव चरम पर है। इस तनातनी के बीच जून में लद्दाख के गलवान घाटी में दोनों सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे, जबकि चीन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था। हालांकि, उसने अब तक यह खुलासा नहीं किया है कि उसके कितने सैनिक मारे गए थे।

पिछले कुछ सप्ताह में भारत ने कई मिसाइलों का परीक्षण किया है, जिनमें सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-1 शामिल हैं। भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइल शौर्य का भी परीक्षण किया है। रूद्रम-1 के सफल परीक्षण को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि यह भारत का प्रथम स्वदेश विकसित एंटी रेडिएशन हथियार है। भारत ने बड़ी संख्या में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों की एलएसी पर तैनाती की है।

यहां देखें उन मिसाइलों और हथियारों की सूची, जिन्हें भारत ने दो महीने में टेस्ट किया है

सितंबर 7: स्वदेशी विकसित हाइपरसोनिक टेक्नॉलजी डेमोनस्ट्रेटर वीइकल (एचएसटीडीवी) का परीक्षण ओडिशा के तट पर किया गया। एसएसटीडीवी क्रूज मिसाइलों और लॉन्ग रेंज मिसाइल सिस्टम्स को हाइपरसोनिक गति देने के लिए आवश्यक है।

सितंबर 22: ABHYAS- हाई स्पीड एक्सपेंडेबल एरियल टारगेट (HEAT) वीइकल्स- का ओडिशा के तट पर परीक्षण किया गया। भारतीय सशस्त्र बलों को अभ्यास लड़ाकू ड्रोन का काफी लाभ मिलेगा। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अभ्यास के सफल उड़ान परीक्षण को बड़ी सफलता बताया था।

सितंबर 23: DRDO ने देश में विकसित लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेट मिसाइल का महाराष्ट्र के अहमदनगर में सफल परीक्षण किया। DRDO के मुताबिक इसका इस्तेमाल एक्सप्लोजिव रिएक्टिव आर्मर (ERA) द्वारा सुरक्षित आर्मर्ड वीइकल्स को मात देने के लिए किया जा सकता है।

सितंबर 23: ओडिशा के बालासोर से पृथ्वी-II का परीक्षण किया गया। यह स्वदेशी निर्मित परमाणु क्षमता संपन्न सतह से सतह पर मार करने वाला मिसाइल है, जो टारगेट को ध्वस्त करने के लिए इनर्शल गाइडेंस सिस्टम का इस्तेमाल करता है।

सितंबर 30: ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के विस्तारित रेंज का ओडिशा में जमीन आधारित फैसिलिटी से परीक्षण किया गया।

अक्टूबर 1: लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेट मिसाइल (ATGM) महाराष्ट्र के अहमदनगर में एमबीटी अर्जुन टैंग से दागा गया।

अक्टूबर 3: भारत ने ओडिशा तट से परमाणु शक्ति संपन्ना शौर्य मिसाइल के नए वर्जन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

अक्टूबर 5: भारत ने एंटी-सबमरीन वारफेयर को विकसित किया है और स्वदेशी निर्मित स्मार्ट टोरपेडो सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जोकि टोरपेडो रेंज के पार एंटी सबमनरीन वारफेयर (ASW) ऑपरेशंस के लिए आवश्यक है।

अक्टूबर 10: भारत ने पहले एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम-1 का सफल परीक्षण किया, जोकि जमीन पर दुश्मनों के रडार को डिटेक्ट कर सकता है।

अक्टूबर 18: आईएनएस चेन्नई युद्धपोत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया गया।