समस्तीपुर सदर अस्पताल में नर्स की कथित पिटाई मामले में एसडीओ से मिले डॉक्टरों का शिष्टमंडल. Samastipur Sadar Hospital

Samastipur Sadar Hospital: समस्तीपुर सदर अस्पताल में नर्स की कथित पिटाई का प्रकरण थमने का नाम नहीं ले रहा है। नर्स नवीनता ने अस्पताल के डीएस डॉ. गिरीश कुमार पर पिटाई का आरोप लगायी है। जिसके कारण पिछले तीन दिनों से सदर अस्पताल में यह मामला गरमाया हुआ है। डीएस डॉ. गिरीश कुमार के पद मुक्त किए जाने के बाद डॉक्टर भी गोलबंद होने लगे हैं।

 

इसके तहत सदर अस्पताल के डॉक्टरों का शिष्टमंडल शनिवार की देर शाम एसडीओ से मिलकर अपनी बातों को रखा। इस दौरान ड्यूटी आवर में होने वाली परेशानियों एवं अस्पताल में चल रहे विवादों के बारे में भी जानकारी दी। इसके बाद एसडीओ आरके दिवाकर ने डॉक्टरों को भी अपनी पूरी बातों को लिखित में देने का निर्देश दिया। एसडीओ ने डॉक्टरों को अपनी बात सोमवार को आकर लिखित में देने को कहा। फिर उनकी बातों पर भी विचार करते हुए मामले की गहराई से जांच पड़ताल की जाएगी। ताकि सदर अस्पताल में फिर से ऐसी स्थित नहीं बन पाए।

सीएस की कारवाई का संघ ने किया विरोध:

संघ की मांग के बाद सीएस डॉ. एसके चौधरी ने डॉ. गिरीश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद मुक्त करते हुए बतौर मेडिकल अफसर के रुप में कार्य करने का आदेश दिया। वहीं जांच पूरी होने तक पीड़ित नर्स नवीनता कुमारी की प्रतिनियुक्ति भी सरायरंजन सीएचसी में करने का आदेश दिया। इसको लेकर संघ ने फिर से आपत्ति जतायी है। जिला चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ के जिला मंत्री राजीव रंजन ने कहा कि सरायरंजन सीएचसी में नर्स की प्रतिनियुक्ति का संघ कड़ा विरोध करते हुए सीएस की इस कारवाई की निंदा करती है। उन्होंने सीएस पर कारवाई में पक्षपात करने का आरोप लगाया। सीएस की इस कारवाई से जिले की सभी महिला कर्मियों में आक्रोश है।

23 मई को बैठक में बनेगी रणनीति:

चिकित्सा संघ के जिला मंत्री राजीव रंजन ने कहा कि सीएस की पक्षपात पूर्ण कारवाई के विरोध में 23 मई को महासंघ स्थल पर सामान्य परिषद की बैठक होगी। इसमें अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा। साथ ही न्यापूर्ण जांच करने एवं दोषी को सजा दिलाने सहित अन्य मुद्दों को लेकर अब आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।

दो गुटों में बंट गयी अस्पताल की नर्सें:

डीएस बनाम नर्स के विवाद का मामला अब तूल पकड़ लिया है। मामले को तूल पकड़ते ही सदर अस्पताल में कार्यरत स्टॉफ नर्स भी दो खेमें में बंट गयी है। एक खेमा जहां पीड़ित नर्स के साथ आंदोलनमें शामिल है। वहीं दूसरा खेमा अपने को इससे अलग हो गयी है। हालांकि एसडीओ के आदेश के बाद सभी पूर्ववत अपनी ड्यूटी में लगी है। लेकिन दो खेमे होने के कारण आपसी सामांझस्य बैठाना मुश्किल हो रहा है। इधर, वरीय फार्मासिस्ट शंभू सिंह ने डीएम से इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है।

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