समस्तीपुर में रेलवे इंजन बेचने के पीछे कई रेलकर्मी, असली नटवरलाल की तलाश. | Samastipur Rail News

समस्तीपुर रेल मंडल के पूर्णिया कोर्ट स्टेशन परिसर से गायब वाष्प इंजन स्क्रैप मामले में भारतीय रेल का असली नटवरलाल कौन है यह अभी भी रहस्य बना है। वाष्प इंजन घोटाले की जानकारी रेलवे बोर्ड तक भेज दी गई है। डीआरएम आलोक अग्रवाल ने पूरे मामले की जानकारी पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक को दे दी है।

 

साथ ही रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भी भेज दी गई है। रेलवे बोर्ड ने भी मामले की जांच का आदेश दिया है। रेलवे के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो ट्रक पर लगभग 18 टन स्क्रैप लोड किया गया था। बाजार मूल्य लगभग पांच लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। मामले का खुलासा होने के बाद पूर्व के जारी आदेश को भी खंगाला जा रहा है कि कहीं पूर्व में भी इसी तरह स्क्रैप का उठाव कर फर्जी तरीके से इंट्री तो नहीं करवा दी गई।

पहले कबूला फिर पत्र को बताया फर्जी :

 

पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर स्टीम इंजन का स्क्रैप काटकर समस्तीपुर लोको शेड में शिफ्टिंग को लेकर सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने आरपीएफ को मेमो दिया। इस पर आरपीएफ ने पूरे मामले की जांच की। रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आरपीएफ जांच अधिकारी ने सबसे पहले मेमो जारी करने वाले एडीएमई के मोबाइल पर संपर्क किया। उस पर एडीएमई ने स्क्रैप शिफ्टिंग को लेकर पत्र जारी करने की बात स्वीकार की। लेकिन जब स्क्रैप लोको शेड तक नहीं पहुंचा तब उस पत्र को ही फर्जी करार दे दिया गया। हालांकि, एडीएमई स्वीकार करने वाली बात को गलत करार दे रहे है। वैसे सच का खुलासा जांच पूर्ण होने के बाद ही होगा।

 

एसएसई मास्टरमाइंड या अन्य लोग भी इस खेल में शामिल :

 

स्क्रैप गायब के मामले का पर्दाफाश एसएसई की गिरफ्तारी के बाद ही हो पाएगा। पूरे घटनाक्रम की पटकथा का मास्टरमाइंड वह खुद ही है या फिर उसके ऊपर भी कोई है। या इसके पूर्व भी वह इस तरह का घोटाला कर चुका है।

 

टाल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में स्क्रैप लदे ट्रक की हुई पहचान :

आरपीएफ की जांच में टाल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरे से कई अहम सुराग मिले है। सीसीटीवी फुटेज में इस बात का खुलासा हुआ है कि पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से वाष्प इंजन लोड करने के बाद रमंगा के रास्ते हरदा टाल प्लाजा होते हुए बिहपुर स्थित टाल प्लाजा को पार करते हुए ट्रक बरौनी तक गया। इसके बाद वाष्प इंजन का स्क्रैप लदा ट्रकों को बरौनी के रास्ते समस्तीपुर की ओर जाते देखा गया। आरपीएफ एसएसई और हेल्पर के मोबाइल फोन का कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि इस बात का खुलासा हो सके कि इस दौरान ये दोनों रेल कर्मी किन-किन लोगों के संपर्क में थे।

 

गायब स्टीम इंजन के स्क्रैप की हर ओर हो रही जांच :

रेलवे सुरक्षा बल की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि पूर्णिया कोर्ट स्टेशन पर खड़ा वाष्प इंजन जो कई वर्षों से खड़ा था, उसे काटकर जिस दो ट्रकों से ले जाया गया, वह ट्रक उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा नंबर का है। इन ट्रकों के वाहन मालिक की भी जानकारी एकत्रित कर ली गई है। जिसमें एक वाहन मालिक पटना तथा दूसरा दानापुर का रहने वाला है। जांच अधिकारी अब वाहन मालिक के माध्यम से ढोने वाले वाहन के बारे में जानकारी लेकर माल जब्त करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा इस मामले में एक पिकअप वैन की भी पहचान की गई। पिकअप वैन 14 दिसंबर को समस्तीपुर से कटर मशीन के साथ मजदूर लेकर पूर्णिया गया था। वह वाहन मालिक समस्तीपुर का ही है।

 

आरपीएफ इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर लोको शेड के प्रभारी हुए निलंबित :

पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से 14 दिसंबर को दो ट्रक पर वाष्प इंजन का स्क्रैप लेकर समस्तीपुर लोको शेड के लिए रवाना हुआ। लेकिन स्क्रैप लोको शेड नहीं लाया गया। जबकि, सीनियर सेक्शन इंजीनियर के आदेश पर उनके चतुर्थ वर्गीय कर्मी ने लोको शेड प्रभारी के नाम से वाहन आगमन से संबंधित मेमो दिया। इसकी इंट्री सूचना रजिस्टर के बदले आवक रजिस्टर में कर दी गई। इस पर महिला कांस्टेबल संगीता कुमारी ने पूरे मामले की जानकारी प्रभारी सहित अन्य उच्चाधिकारी को दी। ट्रक के नहीं आने के बाद रेल महकमे में हड़कंप मचने के बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर ने लापरवाही से संबंधित रिपोर्ट मंडल सुरक्षा आयुक्त को दी। इस आधार पर लोको शेड के प्रभारी सब इंस्पेक्टर बीरेंद्र द्विवेदी को निलंबित किया गया था।

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