समस्तीपुर में अपराधियों की पहचान के लिए घरों पर लगे सीसीटीवी फुटेज के लिए दौड़ती रहती पुलिस. Samastipur Police Running For CCTV Footage

Samastipur Police Running For CCTV Footage: क्राइम कंट्रोल में तीसरी आंख की जरूरत को देखते हुए समस्तीपुर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर जनसहयोग व निजी प्रचार एजेंसी(नप) द्वारा लगाई गई सीसीटीबी कैमरा वर्षों से खराब है। जनसहयोग से 63 व प्रचार एजेंसी द्वारा 32 कैमरे लगाए गए थे। जिसमें से दो तीन कैमरों को छोड़ दें तो अधिकतर कैमरा खराब पड़ा। कई स्थानों से तो कैमरा गायब भी हो गया है। शहर में क्राइम होने पर पुलिस निजी मकान व दुकानों पर लगी सीसीटीबी कैमरे की फुटेज के लिए कैमरा धारक के यहां दौड़ लगाती है। बावजूद खुद की मदद के लिए लगाए गए कैमरों को ठीक कराने की दिशा में रुचि नहीं लेती। जिसका लाभ बदमाशों को मिल रहा है। शहर में बाइक चोरी से लेकर छिनतई की घटनाएं बढ़ रही है।

निजी सहयोग से लगे थे 63 कैमरा :

करीब पांच वर्ष पूर्व तत्कालीन थानाध्यक्ष एचएन सिंह के प्रयास से शहर में जनसहयोग कर स्टेशन चौक, मारवाड़ी बाजार, गोलारोड, बहादुरपुर,मालगोदाम चौक, दुर्गा स्थान चौक, काशीपुर, मोहनपुर समेत कुल 63 स्थानों पर सीसीटीबी कैमरा लगाया गया था। बेगूसराय की एक कंपनी ने कार्य किया था।कैमरे का मेनटेनेंस कंपनी को करना था। बताया गया है उस समय कंपनी का करीब ढाई लाख रुपए बकाया रह गया था। जिस कारण जब कैमरा खराब होने लगे तो उसकी मरम्मत नहीं हुई। एक-एक कर सभी कैमरा बंद हो गया। चर्चा है कि इस दौरान कंपनी के कर्मी बकाया पैसा का तगादा करते रहे। इस बीच एचएन सिंह का स्थानांतरण हो गया। बाद में आने वाले थानेदार ने पैसा देने से मना कर दिया। कहा जाता है उसके बाद कंपनी के कर्मी कई स्थानों से उक्त कैमरों को खोल कर ले गए। नप के सहयोग से यूनीपोल नामक प्रचार कंपनी ने लगाए थे 32 कैमरे : बाद के दिनों में नप के साथ समन्वय कर दरभंगा की यूनीपाेल नामक प्रचार कंपनी ने शहर के विभिन्न सड़कों में लगाए गए प्रचार होडिंग के बीचो-बीच 32 स्थानों पर कैमरा लगाया। आज की तारीख में मगरदही घाट के कैमरा को छोड़ दें तो अधिकतर कैमरा खराब हो गया है। नप के पूर्व अध्यक्ष तारकेश्वर नाथ गुप्ता ने खराब कैमरा को ठीक कराने के लिए कई बार पत्राचार किया लेकिन कैमरा ठीक नहीं हुआ। नप का कार्यकाल खत्म हो गया।

थाने में लगी कैमरा पुलिस की बचा रही साख:

नगर थाना समेत जिले के विभिन्न थानों में थानाकार्यालय, प्रभारी कक्ष, हाजत के अलावा परिसर में भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए कैमरा लगाया गया है। थानों में लगे कैमरे के कारण हाल के दिनों में पुलिस की साख भी बचाई है। हाल ही में दलसिंहसराय थाने के सिरिस्ता में युवक द्वारा आत्महत्या सीसीटीबी कैमरा में कैद हुई। वहीं नगर थाने के हाजत में बंदी के गिर कर मौत की घटना भी कैमरे में कैद हुई। लोगों का कहना है कि अगर थाना हाजत में कैमरा नहीं होता तो पुलिस की बात पर कोई भरोसा नहीं करता।

क्याें खराब पड़ा है कैमरा:

जनसहयोग से लगे कैमरा का बकाया राशि नहीं दिए जाने के कारण कंपनी के लोग कैमरा ठीक करने नहीं आए। यहंा तक की कुछ कैमरा खोल कर भी ले गए। नप के समन्वय से लगे कैमरे को ठीक कराने की दिशा में पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। नप का कार्यकाल खत्म होने के कारण पूर्व नप अध्यक्ष के पत्र पर अब प्रचार एजेंसी एक्शन में नही आ रही है। निगम का गठन अभी बांकी है। फलस्वरूप कैमरा ठीक नहंी हो रहा है।

कैमरा ठीक कराने के लिए पुलिस नहीं ले रही रूचि:

जनसहयोग से लगे कैमरे की राशि बकाया है। जिस कारण पुलिस कंपनी को कैमरा ठीक करने के लिए बोल नहीं पाती। पुलिस के पास भी इसके लिए अलग से फंड नहीं है। जिसका नतीजा है कि कैमरा ठीक नहीं हो पा रहा है। वरीय अधिकारी भी इस बात पर चुप्पी साध लेते हैं।

 

 

INPUT - BHASKAR.COM

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