Samastipur News : समस्तीपुर में ठण्ड का कहर, ठंड के कारण मवेशियों का घटा दूध.

समस्तीपुर ज़िले के कई क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से सूर्यदेव ने दर्शन दिए। दिन में भी ठंडी हवा एवं कनकनी ने कहर बरपा रखा है। शीतलहर के कारण गरीब, मजदूर, किसानों का जीना मुहाल हो गया है। पशुपालकों के लिए शीतलहर एक बड़ी समस्या बन गई है। दुधारू पशुओं के लिए भी पशुपालकों को अलग से अलाव की व्यवस्था करनी पड़ रही है। दूध भी घटने लगा है। मवेशियों को भी मोटे बोरे से ढक कर रखना पड़ रहा है।

सुबह और शाम में चौक-चौराहों पर ठेला- रिक्शा चालक, मजदूर अपने निजी कोष से अलाव की व्यवस्था कर रहे हैं। शाम के बाद से सुबह लगभग 8:00 बजे तक शहर से गांव तक कुहासे का कहर बना रहता है। इससे सड़क पर चलने वाले वाहनों की गति पर ब्रेक लग गया है। शीतलहर प्रारंभ होने के बावजूद सरकारी स्तर पर अनुमंडल के किसी भी स्थान में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

 

इसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। स्टेशन चौक, अंबेडकर चौक, सोमवारी हाट, सिनेमा चौक, कवि चौक, अनुमंडलीय अस्पताल, चंदन चौक में दिन-रात ई रिक्शा, ऑटो-ठेला चालक, आम यात्री, फुटपाथ पर रहने वाले गरीब, रोगी एवं उसके परिजनों का आना जाना लगा रहता है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अबतक न ही अलाव जलाने का निर्देश दिया गया है और न ही कंबल वितरण करने के। शीतलहर के कारण ट्रेन, बस व ऑटो में यात्रियों की तथा बाजार में ग्राहकों की संख्या काफी कम नजर आ रही है। खेतों में काम करने वाले किसान व मजदूर भी ओस, कुहासे, कनकनी, शीतलहर व ठंडी हवा के कारण खासे परेशान हैं।

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