समस्तीपुर में चरमराई बिजली की व्यवस्था, गर्मी में संकट झेल रहे शहर से गांव तक लोग. Samastipur Electricity Department

Samastipur Electricity Department: समस्तीपुर जिले में पिछले कई दिनों से बिजली संकट गहराया हुआ है। बिजली कटौती से नियमित बिजली की आपूर्ति व्यवस्था चालू रखने में समस्या हो रही है। कटौती के कारण ग्रिड से लेकर पीएसएस तक रोटेशन में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसकी वजह से शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र तक में बिजली की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति व्यवस्था काफी लचर है। जिसके कारण रात-रातभर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली गायब रहती है।

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिले में पीकऑवर में कम से कम 220 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से किसी दिन 120 तो किसी दिन 130 मेगा वाट बिजली ही मिल रही है। वहीं समस्तीपुर शहरी क्षेत्र में 15 मेगावाट की जरूरत है। बिजली कटौती के कारण शहरी क्षेत्र में भी पीएसएस को रोटेशन में बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके कारण टाउन टू के लगुनिया पीएसएस में शुक्रवार को पीकआवर में भी शाम पांच बजे बिजली काट दी गयी। इसके बाद शाम आठ बजे के बाद बिजली दी गयी। फिर शहरी क्षेत्र में रात में दो बजे बिजली गुल हो गयी।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट बरकरार : समस्तीपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट से काफी परेशानी हो रही है। कल्याणपुर, ताजपुर, वारिसनगर, खानपुर, मोरबा, शिवाजीनगर, सिंघिया सहित अन्य प्रखंडों में भी पिछले कई दिनों से बिजली संकट है। यहां भी पीएसएस द्वारा रोटेशन में बिजली दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां 18 से 20 घंटे बिजली रहती थी, वहीं इन दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 से 15 घंटे बिजली मिल रही है। रात में इसकी स्थिति काफी लचर होती है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में भी रोटेशन में बिजली दी जा रही है।

71 सौ करोड़ प्रत्येक महीने का लक्ष्य : जिले में प्रत्येक महीने 71 सौ करोड़ राजस्व का लक्ष्य है। जुलाई महीने में लगभग 62 करोड़ 65 लाख राजस्व की वसूली की जा सकी। वहीं 25 अगस्त तक जिले में लगभग 69 प्रतिशत बकाया राशि वसूली गयी है।

Leave a Reply