समस्तीपुर में जलजमाव से निजात के लिए करें स्थायी व्यवस्था : नित्यानंद राय samastipur dm meeting

samastipur dm meeting: समस्तीपुर जिले में जिला विकास, समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षात्मक बैठक मंगलवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में हुई। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सांसद प्रिस राज, राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर,विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, आलोक कुमार मेहता, अशोक कुमार मुन्ना, अजय कुमार,वीरेंद्र कुमार, विधान परिषद सदस्य डा. तरुण कुमार, जिला परिषद अध्यक्षा खुशबू कुमारी, जिलाधिकारी समेत जिला स्तरीय अधिकारी, प्रखंडों के प्रमुख आदि मौजूद थे। कोरोना के कारण दो साल बाद यह बैठक हुई है। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

 

जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने जिले के कार्यान्वित एवं पूर्ण योजनाओं के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तार से बताया। राज्यसभा सदस्य रामनाथ ठाकुर ने कहा कि बरसात के मौसम में होने वाले जलजमाव को शहर से बाहर निकालने के लिए क्या प्रयास किया जा रहा है। शहर से सटे तटबंध से संबंधित होने वाली समस्याओं के बारे में भी उनके द्वारा पृच्छा की गई। वहीं अस्पतालों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति के बारे में भी चर्चा की गई। उजियारपुर विधायक आलोक मेहता ने बताया गया कि उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र में 14 चौर है जो सभी बरसात के दिनों में जलजमाव से घिर जाता है। किसानों को खेती करने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। पांड़, बसढिया चौर तीन किलोमीटर लंबी है, जिसमें उड़ाही की जरूरत है। बालिका उच्च विद्यालय दलसिंहसराय का 13 कमरों का प्रोजेक्ट पास है, जो अभी तक लंबित है। विभूतिपुर विधायक अजय कुमार ने कहा कि दलसिंहसराय के मटिहानी चौर की स्थिति जलजमाव के कारण बदतर हो जाती है। महिषी चौर का डीपीआर भी बन गया था पिछले साल, लेकिन कार्य लंबित है। बोरिया चौर में जल निस्सरण की जरूरत है। बैंती नदी में बांध टूट गया था, उसमें स्लूस गेट बनाने की जरूरत है। यहां जलजमाव एवं बाढ़ से संबंधित समस्या है।

विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि हमारे क्षेत्र अंतर्गत 30 हजार एकड़ जमीन बाढ़ से प्रभावित है। बागमती एवं बूढ़ी गंडक नदी को जोड़ने की सहमति हुई थी, परंतु कार्य अब तक लंबित है। अपने विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जलजमाव की समस्या का प्रस्ताव रखा एवं इसके निकासी हेतु आवश्यक सुझाव एवं निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में जल निकासी बहुत बड़ी समस्या है।

 

सांसद प्रिस राज ने कहा कि नाला की सफाई कर सड़क के ऊपर कचरा रख दिया जाता है, जिससे मच्छर और अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा होती हैं। दुर्गध फैलती है। इसे साफ कर शहर से बाहर फेंकने की जरूरत है। शहर से जल निकासी हेतु कच्चे नाले का निर्माण कोई स्थायी समस्या नहीं है, इसके स्थायी समाधान हेतु मास्टर प्लान बनाकर कार्य करने की जरूरत है। जल निस्सरण विभाग के कार्यपालक अभियंता से कहा गया कि विधायक और जिला परिषद सदस्य को सूचित कर भ्रमण करें और समस्या का समाधान करें। जितनी नाली है, उसकी एक अलग सूची बना ले। उसको चिह्नित कर उसकी साफ- सफाई एवं खोलने हेतु जल निस्सरण एवं बाढ़ नियंत्रण के कार्यपालक अभियंता को निर्देशित किया गया। सभी नाले को नदी में जोड़ने का भी निर्देश दिया गया। जल निकासी, पेयजल एवं पुस्तकालय में सांसद निधि में आने वाले राशि को खर्च करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया।

 

सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 2- 3 जून को अपने अनुमंडल के सभी अंचलाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि के साथ बाढ़ वाले क्षेत्रों का भ्रमण कर लें एवं कितने डीपीआर बनाए जा चुके हैं और कहां लंबित है, उस डीपीआर की क्या उपयोगिता है, इसकी सूची बनाकर सभी विधायकों एवं केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री को मेल पर भेज दें। जल निकासी एवं उस जल से सिचाई, जल सरोवर जिससे बागवानी एवं मछली पालन किया जा सके, इस मुद्दे पर भी विमर्श किया गया। इसे अमल में लाने का निर्देश भी उपस्थित कार्यपालक अभियंता को दिया गया। बैठक की समाप्ति के उपरांत कुछ योजनाओं के बारे में जानकारी ली गई जिसमें

 

आयुष्मान भारत के तहत जारी हेल्थ कार्ड की उपलब्धि एवं जिले के कुल लक्ष्य की जानकारी संबंधित नोडल पदाधिकारी के द्वारा बताया गया। किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत प्राप्त उपलब्धि एवं स्वीकृत और अस्वीकृत आवेदनों की संख्या का डाटा जिला कृषि पदाधिकारी ने साझा किया। प्रधानमंत्री आवास योजना में जिले की कुल उपलब्धि, जिले का कुल स्वीकृति की स्थिति से संबंधित डाटा उप विकास आयुक्त द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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