समस्तीपुर कालेज में महिला शिक्षिका से गंदी बात, अभद्र व अश्लील टिप्पणी. Samastipur College Samastipur

Samastipur College Samastipur: समस्तीपुर में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की एक और संस्था से महिला शिक्षक के प्रति अशोभनीय व्यवहार व गंदी बातें किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित शिक्षिका ने इस संबंध में कालेज के प्रिंसिपल व कुलपति को पत्र लिखा है। उन्होंने बर्सर पर ही आरोप लगाया है कि वह उनको टारगेट कर अभद्र व अमर्यादित टिप्पणियां करते हैं। उनका चरित्र हनन करते हैं। वहीं दूसरी ओर समस्तीपुर कालेज के बर्सर डा. मुकुंद कुमार ने आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है।

महिला आयोग में शिकायत: Samastipur College Samastipur

समस्तीपुर कालेज की महिला शिक्षिका ने बर्सर पर कार्यस्थल में तनाव पैदा करने, अभद्र व अश्लील टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत की है। साथ ही ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति और कालेज के प्रधानाचार्य को भी पूरे मामले की जानकारी दी है। प्रधानाचार्य डा. सत्येन कुमार ने पीडि़त शिक्षिका से ही स्प्ष्टीकरण मांगी है। शिक्षिका ने पत्र में आरोप लगाया है कि कालेज में प्रारंभ से ही अनर्गल टिप्पणियां की जाती रही हैं। लक्षित कर चरित्र हनन करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कालेज के बर्सर सह अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष मुकुंद कुमार ने 28 जुलाई को अन्य शिक्षकों के समक्ष विभाग के सहकर्मी के संबंध में अभद्र, अमर्यादित एवं अश्लील टिप्पणी की।

प्रताडऩा को लेकर कुलपति से शिकायत: Samastipur College Samastipur

शिक्षिका ने कहा है कि मेरे व विभाग के प्रति अकारण एवं अनावश्यक रूप से दुर्भावनापूर्ण कार्य किया जा रहा है। 28 जुलाई को स्नातकोत्तर स्तर की लाइब्रेरी की आलमारियों को पुस्तकों सहित भंडार कक्ष में रखवा दिया गया। इससे पहले भी एक कमरा अन्य विभाग को दे दिया गया। प्रैक्टिकल का सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया गया। कुछ सामान को विभाग से बाहर ले जाया गया। यह सभी कार्य बिना लिखित या मौखिक जानकारी दिए हुए बिना सहमति के जबरन किया गया।

सभी आरोप पूरी तरह से गलत: Samastipur College Samastipur

शिक्षिका ने कहा है कि कालेज में एकल स्थायी शिक्षक होने के बावजूद निरंतर पीजी की कक्षाएं, प्रायोगिक कक्षाएं, निशुल्क नेट परीक्षा की तैयारी जैसे कार्य किये जा रहे हैं। इधर, समस्तीपुर कालेज के बर्सर डा. मुकुंद कुमार ने आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया। कहा कि मनोविज्ञान विभाग के पास तीन कमरा था। कक्षा संचालित करने के लिए एक कमरा संस्कृत विभाग को दिया गया। इसी पर ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।

 

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