खगडि़या में अवैध खनन के बालू से समस्तीपुर में बन रहे पक्के मकान. Illegal Sand Mining

Illegal Sand Mining: सरकार एक ओर बालू माफिया पर शिकंजा कस रही है, वहीं दूसरी ओर बालू तस्कर तरह-तरह की तरकीबें अपना कर इसका अवैध खनन कर रहे हैं। खगडिय़ा में बागमती से बालू के अंधाधुंध खनन से इस नदी पर विपरीत असर पड़ रहा है। बाढ़ के समय नदी रौद्र रूप धारण कर सकती हैं।

उत्तरी बोहरवा-दक्षिणी बोहरवा के बीच बागमती से निकाला जा रहा बालू: Illegal Sand Mining

जानकारी के अनुसार, तस्कर जिले के सुदूर अलौली प्रखंड अंतर्गत बाढ़-कटाव से सर्वाधिक प्रभावित बागमती के तटबंध के अंदर बसे उत्तरी बोहरवा और दक्षिणी बोहरवा के बीच से धड़ल्ले से इसका खनन कर रहे हैं। वे नदी से बालू निकाल कर नाव से फुलतौड़ा पुल के पास पहुंचाते हैं। वहां से ट्रैक्टर के सहारे उसे पड़ोसी जिले दरभंगा के तिलकेश्वर, खुटौना व समस्तीपुर जिले के बिथान थाना अंतर्गत तेलनी, पुसहो आदि जगहों पर भेजा जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन 15 से 20 नाव के सहारे बालू का अवैध खनन किया जाता है। एक नाव पर औसतन पांच ट्रेलर बालू रहता है।

ऊपर से नीचे तक सेटिंग का है खेल: Illegal Sand Mining

खगडिय़ा सहित सीमावर्ती दरभंगा, समस्तीपुर आदि जिलों में इन दिनों अधिकांश ठेकेदार इसी बालू को विभिन्न निर्माण कार्य में लगा रहे हैं। वहां के भवन में भी इसका इस्तेमाल हो रहा है। 15 सौ से लेकर 18 सौ रुपये ट्रेलर की दर से बालू बिक रही है। सूत्रों के अनुसार ऊपर से नीचे तक सेटिंग के सहारे यह खेल चल रहा है।

नदी पर्यावरण पर गहरा असर पडऩा तय: Illegal Sand Mining

इस संबंध में खगडिय़ा के बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-दो के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि बोहरवा बागमती का सर्वाधिक संवेदनशील स्थल है। अगर यहां नदी से बालू निकाली जा रही है, तो बाढ़ के समय नदी तबाही मच सकती है। नदी से बालू के अवैध खनन पर रोक के संबंध में खनन विभाग के अधिकारी से बात की जाएगी।

खगडिय़ा के साथ मेरे पास बेगूसराय का भी अतिरिक्त प्रभार है। तीन दिन खगडिय़ा और तीन दिन बेगूसराय में बैठते हैं। साधन-संसाधन की कमी है। मात्र चार-पांच गार्ड है। लेकिन अवैध खनन को लेकर कार्रवाई जारी है। कई ट्रैक्टर पकड़ी गई है। एफआइआर भी दर्ज कराई गई है। संबंधित थाना और सीओ भी कार्रवाई कर सकते हैं। – उपेंद्र कुमार पासवान, जिला खनन पदाधिकारी, खगडिय़ा।

गंगा किनारे भी जारी है अवैध खनन: Illegal Sand Mining

परबत्ता के परबत्ता में गंगा किनारे बालू का अवैध खनन जारी है। अगुवानी गंगा घाट, नयागांव घाट, सलारपुर घाट, भरतखंड घाट, लगार घाट, माधवपुर घाट आदि जगहों पर धड़ल्ले से अवैध खनन हो रहा है। परबत्ता सीओ मूकदर्शक बने हुए हैं। इधर नियमों को ताक पर रखकर गंगा किनारे खनन का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। सूत्रों के अनुसार कई जगहों पर बालू तस्कर अंचल कार्यालय एवं खनन विभाग से स्वीकृति मिलने की बात कहकर किसानों को भी अपने झांसे में ले लेते हैं और बालू-मिट्टी निकालने का काम करते हैं।

सूत्रों की माने तो जब खनन विभाग की गाड़ी गंगा किनारे दौड़ती है, तो उससे पहले ही बालू तस्कर अपना बोरिया-बिस्तर समेट लेते हैं। उन्हें पहले ही जानकारी मिल जाती है। सूत्रों के अनुसार परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में पुल सह सड़क निर्माण कार्य भी व्यापक पैमाने पर चल रहा है। जिसमें बालू-मिट्टी की जरूरत है। लेकिन निर्माण एजेंसी नियमों को ताक पर रखकर खनन कर रही है। इस संबंध में सीओ अंशु प्रसून ने कहा कि इस पर रोक लगाया जाएगा। कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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