समस्तीपुर में ट्रेन में पकड़ा गया दिल्ली पुलिस का फर्जी सिपाही. Samastipur News

दिल्ली पुलिस में भर्ती नहीं हो सका तो वर्दी बनवाकर फर्जी सिपाही बन गया। वह ट्रेनोंं में सफर के दौरान वर्दी पहनकर और पिस्टल रखने वाला होलस्टर लगाकर लोगोंं से वसूली करता था। खुद को दिल्ली पुलिस का सिपाही बताता। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर यात्रियों पर रौब झाड़ते हुए रुपये वसूलने वाले ठग विकास ठाकुर को आरपीएफ को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।

समस्तीपुर रेल मंडल सुरक्षा आयुक्त एके लाल ने बताया कि आरोपी दिल्ली पुलिस सिपाही का वर्दी पहने हुए था। उसके कमर में होलस्टर एवं बेल्ट तथा दोनों कंधों पर डीपी लगा हुआ था। वर्दी पर विकास ठाकुर नेम प्लेट भी लगा हुआ था। आरपीएफ ने आरोपी नकली सिपाही के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने के लिए जीआरपी को सौंप दिया। जीआरपी थानाध्यक्ष ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज करते हुए जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

 

पुलिस स्टाफ कहकर आरपीएफ सदस्यों पर झाड़ने लगा रोब :

आरपीएफ पोस्ट के आरक्षी उमेश कुमार व रोहित कुमार मंगलवार की सुबह ट्रेन संख्या 13185 गंगा सागर एक्सप्रेस में समस्तीपुर से दरभंगा तक की ड्यूटी पर थे। वापसी में ट्रेन संख्या 12565 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का मार्गरक्षण करते हुए समस्तीपुर आ रहे थे। सामान्य बोगी में आगे की तरफ बढ़ रहे थे, तो देखा कि एक सिपाही वर्दी के ऊपर से ब्लू ट्रैक सूट पहने हुआ था। गेट के पास खड़े तीन-चार यात्रियों से टिकट एवं आने जाने के बारे में पूछताछ कर रहा था। संदेह होने पर आरपीएफ टीम ने उससे पूछा कि कहां के स्टाफ हो। इस पर उसने गुस्सा करते हुए कहा कि देखते नहीं हो हम भी पुलिस स्टाफ है। आरपीएफ ने उससे इंस्पेक्टर व मेजर का नाम पूछा तो वह गलती नाम बताने लगा। शंका होने पर उसे पकड़ लिया गया।

 

ट्रेन में यात्रियों से टिकट चेक करते वक्त पकड़े जाने पर हुई शंका :

आरपीएफ टीम ने गेट पर खड़े यात्रियों से पूछताछ की। यात्रियों ने बताया कि सिपाही जी टिकट दिखाने कह रहे थे। यह भी कह रहे थे कि जल्दी टिकट दिखाओ नहीं तो तुमलोग समस्तीपुर में उतार लिए जाओगे। इस पर आरपीएफ ने उससे आई कार्ड दिखाने को कहा। इस पर वह अपना आई कार्ड नहीं दिखा सका। बताया कि भूलवश घर पर ही छूट गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर को सूचना देने के बाद वह घबरा कर माफी मांगने लगा। पूछताछ के क्रम में उसकी पहचान मधुबनी जिला के विस्फी थाना क्षेत्र के रघौली गांव निवासी विकास ठाकुर के रूप में हुई। उसने बताया कि वह दिल्ली में अपनी मां व छोटे भाई के साथ रहता है।

 

सिपाही परीक्षा में नहीं हो सका था पास :

विकास ने पूछताछ में पता चला कि वह सिपाही बनना चाह रहा था। उसने दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती की परीक्षा भी दी थी पर पास नहीं हो सका था। इसके बाद उसने दिल्ली पुलिस सिपाही की वर्दी खरीदी और होलस्टर खरीद ली। वह ट्रेन से आने जाने के दौरान वर्दी पहनकर चलता था। वह ट्रेन की बोगी में ही घूम-घूमकर यात्रियों से वसूली करता और उनपर रौब झाड़ता था।

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