समस्‍तीपुर में जारी हैं दारु पार्टी, रिटायर्ड पुलिस पदाधिकारी ने बताई समस्या. Samastipur News

राज्य में शराबबंदी के पांच साल से अधिक वक्त हो गए, लेकिन शराब की तस्करी और पीने पिलाने का दौर समाप्त नहीं हो रहा है। पुलिस व उत्पाद विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए थानावार शराब निरोधी दस्ते (एंटी लिकर टास्क फोर्स) का गठन किया गया। इसमें पुलिस अवर निरीक्षक, जमादार, सिपाही और गृहरक्षकों को टीम में शामिल किया गया, जो क्षेत्र में आसूचना संकलन कर दल शाखा के साथ छापेमारी, शराब भंडारण, बेचने वाले धंधेबाजों और होम डिलेवरी करने वाले को चिह्नित कर कार्रवाई कर रही है।

 

शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एएलटीएफ टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। हर दिन किसी न किसी इलाके में शराब की खेप पकड़ी जा रही है। शराब के साथ पकड़े गए वाहनों को जब्त कर नीलाम किया जा रहा है। इसके बावजूद पीने पिलाने का दौड़ समाप्त नहीं हो रहा है। बीते वर्ष जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की मौत हो गई। शराबबंदी कानून के अनुपालन में कोताही बरतने वाले कई पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की गई। शराब सेवन के दुष्परिणाम से लोगों को जागरुक करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जागरुकता रथ निकाल कर लोगों को प्रेरित किया गया। शराब तस्करी के खिलाफ दीवार लेखन का पुलिस प्रशासन का टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है।

 

शराब धंधेबाजों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की कवायद:

जिले में शराब के काले कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए स्थानीय पुलिस और आबकारी की टीम पहले से काम रही है। लेकिन संयुक्त अभियान के बाद भी देसी-अंग्रेजी शराब की उपलब्धता कम नहीं हुई। शराब की तस्करी और पीने पिलाने का दौर समाप्त नहीं हो रहा। शराबबंदी जितनी सख्ती से लागू हो गई उतने ही आराम से यह कारोबार घर घर शुरु हो गया। धंधेबाजों के ताकत इतने बढ़ गए कि पुलिस कर्मियों पर भी हथियार उठाने से गुरेज नहीं कर रहे। कई बार जिले में छापेमारी करने गई पुलिस टीम को निशाना बना चुके हैं। लिहाजा पुलिस ने भी धंधेबाजों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का मंसूबा बना लिया है।

 

रिटायर्ड पुलिस पदाधिकारी कृष्ण कुमार कहते हैं कि एक तो बल की कमी है दूसरी ओर उनपर काम का बोझ भी है। एक ही पुलिस से कौन-कौन सा काम लिया जाएगा। कहीं लॉ एंड आर्डर है तो कही वीआईपी मूवमेंट हैं। कहीं परीक्षा है तो कहीं बैंक की चेङ्क्षकग करनी है। आखिरकार एक ही पुलिस वाला कहां-कहां जाएगा। ऐसे में कौन सा काम करे और कौन नहीं। थानावार शराब निरोधी दस्ते का गठन तो हुआ लेकिन काम का दबाव भी उन्हीं पर ही है।

 

मद्य निषेद्य एवं उत्पाद विभाग के द्वारा 2016 से 30 नवम्बर 2021 तक की गई कार्रवाई:

छापेमारी : 14 हजार 446

गिरफ्तारी : 1 हजार 490

बरामद देसी शराब : 20 हजार 970

बरामद अंग्रेजी शराब : 1 लाख 25 हजार 624 लीटर

जब्त वाहनों की नीलामी : 221

 

 

पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2016 के बाद अक्टूबर 2021 तक की कार्रवाई:

अवैध शराब मामले में दर्ज प्राथमिकी : 4 हजार 502

गिरफ्तारी : 4 हजार 809

बरामद शराब : 8 लाख लीटर

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