समस्तीपुर समेत बिहार के गर्भाशय कांड की सीबीआई जांच, आदेश मिलते ही मचा हड़कंप. CBI investigation on Uterus scandal

CBI investigation on Uterus scandal: समस्तीपुर समेत राज्य में बड़े पैमाने पर हुए गर्भाशय कांड में हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है। इसके बाद से इस कांड से जुड़े आरोपियों के होश उड़ गए हैं। किसी न किसी रूप में लंबे समय से बच रहे आरोपितों पर गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। यह मामला 2013 में उजागर हुआ था। पैसे की लालच में डॉक्टरों ने गलत ऑपरेशन कर उनका गर्भाशय निकाल दिया था। जब यह मामला उजागर हुआ तो 316 पीड़ितों के नाम सामने आए और इस गोरखधंधे में शहर सहित जिले के 17 निजी अस्पतालों की संलिप्तता उजागर हुई। लंबी जांच चली। पांच अस्पतालों पर एफआईआर हुई।

ऐसे हुआ था मामले का खुलासा:

2013 में तत्कालीन डीएम कुंदन कुमार ने राष्ट्रीय बीमा योजना अंतर्गत निजी नर्सिंग होम में गर्भाशय ऑपरेशन कांड में फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इसकी शिकायत मिलने के बाद डीएम ने पटेल मैदान में विशेष शिविर लगाकर लाभार्थियों की जांच कराई थी। इसमें अनवांटेड सर्जरी का मामला प्रकाश में आया था।

6500 महिलाओं की सर्जरी का मामला उजागर हुआ था:

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के गोरखधंधे में शामिल जिले के 17 प्राइवेट नर्सिंग होम स्मार्ट कार्ड के तहत बीपीएल परिवार के लोगों का इलाज करता था। जिसके तहत 6500 महिलाओं के गर्भाशय सर्जरी का मामला उजागर हुआ। सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक के बयान पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी।

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