अभी अभी : समस्तीपुर पुलिस ने किया कमाल : एक साथ तीन बड़े बैंक लूट कांड का किया खुलासा, 11 लाख रूपये भी किया बरामद.

समस्तीपुर जिले में पुलिस की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने जिले के तीन बड़े बैंक लूट कांड का उद्भेदन एक साथ कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार बीते 7 अगस्त को मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के हरपुर ऐलॉथ स्तिथ बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े बैंक में भीषण लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद पूरे प्रशासनिक विभाग में हड़कंप मच गया था। जिस वक्त बैंक लूट की यह घटना हुई थी उस वक्त दरभंगा प्रमंडल के आईजी, समस्तीपुर एसपी पुलिसकर्मियों के साथ बैठक कर रहे थे। ठीक उसी दौरान हथियारबंद अपराधियों ने बैंक लूट की भीषण घटना को अंजाम दिया था।

जिसके बाद घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर एसपी मानव जीत सिंह ढिल्लों के साथ आईजी अजिताभ कुमार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया था। जिसके बाद घटना को लेकर मुसरीघरारी थाना में कांड संख्या 96/2021 7 अगस्त को दर्ज किया गया था एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीम जांच में लग गई थी।

पुलिस अधीक्षक मानव जीत सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में डीआई टीम के सहयोग से घटना की उत्भेदन की दिशा में लगातार कार्य चल रहा था। इस घटना में कुल 16 76 हज़ार रुपए की लूट हुई थी। लूट से संबंधित घटना का सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों का हुलिया प्राप्त कर छानबीन शुरू कर दी गई थी। जिसके बाद रविवार को पुलिस की टीम ने घटना में शामिल चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। लूट कांड का उद्भेदन में लूट कांड के उद्भेदन में डीआईओ की टीम ने उत्कृष्ट सहयोग दिया।

लूट कांड की छानबीन के दौरान पुलिस की टीम को गुप्त सूचना मिली की बैंक लूट घटना से संबंधित अपराधी एनएच 28 पर किसी और घटना को अंजाम देने के लिए निकले हुए हैं। उसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए रात्रि में ही पुलिस की बड़ी टीम का गठन करते हुए छापेमारी दल तैयार किया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस की टीम ने चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अपराधियों की तलाशी के दौरान उनके पास से दो लोडेड पिस्टल तथा एक लोहे का हथियार भी बरामद हुआ।

पूछताछ के दौरान पुलिस की टीम ने इन सभी के घर पर छापेमारी के दौरान सभी के घर से बैंक से लूटे गए रुपयों की बरामदगी की गई। रुपयों में नए करेंसी नोट, बैंक के कागजात, रूपये के बंडल भी प्राप्त हुए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस की टीम ने कुल 11 लाख 10 हज़ार 100 रुपए बरामद किए। उनके घर से लूट के दौरान पहने गए कपड़े, घड़ी, हेलमेट को भी बरामद किया गया है।

पूछताछ के क्रम में पुलिस टीम ने जांच के दौरान जितवारपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा बिशनपुर स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक लूट कांड का भी उद्भेदन कर लिया। आपको बताते चलें कि 3 मार्च 2021 को जितवारपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं 17 नवंबर 2020 को बिशनपुर स्थित दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक को इसी गैंग ने द्वारा लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। इस संबंध में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 110 /21 एवं 472/20 दर्ज हैं।

जितवारपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लूट की घटना के दौरान अपराधियों द्वारा एक मोबाइल भी लूटा गया था। पुलिस टीम ने वह मोबाइल भी इनके पास से बरामद किया जा चुका है। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह एक नया गिरोह उभर रहा था। जो सिर्फ बैंक को टारगेट कर रहा था एवं पहचान छुपाने के लिए हेलमेट एवं फेस मास्क जैसे संसाधनों का इस्तेमाल करता था।

लूट से संबंधित वीडियो यह लोग यूट्यूब पर देखा करते थे तथा उसी के अनुसार प्लान कर घटना को अंजाम देने के बाद शांति से बैठ जाते थे। बैंक लूट कांड का उद्भेदन के दौरान पुलिस की टीम ने चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान महेश सिंह के पुत्र मोनू कुमार, लक्ष्मी साह के पुत्र सुधीर कुमार उर्फ घंटी, राम खेली सिंह के पुत्र प्रमोद कुमार, विपिन सिंह के पुत्र राकेश कुमार के रूप में की गई है। ये
सभी आरोपी उजियारपुर थाना क्षेत्र के कोरबद्धा पतैली गांव निवासी है।

छापेमारी के दौरान अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की टीम ने घटना से संबंधित बैंक से लूटे गए कुल 11 लाख 10 हज़ार 100 रूपये, घटना में उपयोग किए गए दो पिस्टल, चार कारतूस, लोहे से बना एक हथियार, घटना के समय पहना गया कपड़ा, घड़ी, हेलमेट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जितवारपुर से लूटा गया मोबाइल एवं अपराधियों के पास द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला अन्य चार मोबाइल भी बरामद किया गया है।

पुलिस टीम की ओर से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रीतिश कुमार, सदर अंचल के विक्रम आचार्य, मुसरीघरारी थाना अध्यक्ष संजय कुमार, उजियारपुर थाना अध्यक्ष विश्वजीत कुमार, मुफस्सिल प्रभारी थाना अध्यक्ष केसी भारती, डीआईयू के संदीप पाल, डीआईयू के अनिल कुमार, मुसरीघरारी थाना के रजनीश कुमार, छापेमारी दल में शामिल 20 कॉन्स्टेबल एवं डीआईयू के अरविंद कुमार ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए छापेमारी में अपराधियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई है।