रविवार को उजियारपुर प्रखंड के सातनपुर में रविदास चेतना मंच के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती समारोह सह जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुई।
बैठक में आगामी 22 फरवरी 2026 को पटना के मिलर हाई स्कूल में आयोजित होने वाली संत रविदास की 649वीं जयंती समारोह में शामिल होने की अपील की गई तथा समस्तीपुर जिला से अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।

समारोह सह बैठक का उद्घाटन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सह रविदास चेतना मंच एवं राजद अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रविदास चेतना मंच के जिलाध्यक्ष सह राजद नेता विजेंद्र कुमार राम ने की। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत पगड़ी, चादर, माला एवं बुके भेंट कर किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने कहा कि संत रविदास ने मानवता की सेवा को ही अपना धर्म माना। वे जाति प्रथा, ऊंच-नीच और छुआछूत के कट्टर विरोधी थे। उन्होंने सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया तथा पाखंडवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास निर्गुण संप्रदाय के महान संत थे और सामाजिक सद्भाव व मानवता के प्रतीक थे। उन्होंने अपना जीवन प्रभु भक्ति और सत्संग में समर्पित कर दिया। मान्यता है कि मीरा बाई भी उन्हें अपना गुरु मानती थीं और उनकी प्रतिभा से सिकंदर लोदी भी प्रभावित हुआ था।
पूर्व मंत्री ने कहा कि संत रविदास ने अपनी रचनाओं और ज्ञान के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का कार्य किया। बैठक के अंत में उन्होंने 22 फरवरी को पटना पहुंचकर जयंती समारोह में भाग लेने का लोगों से आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर, ताजपुर प्रखंड अध्यक्ष मनोज राम, सरायरंजन प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार राम, दलसिंहसराय प्रखंड अध्यक्ष अनिल राम, उजियारपुर प्रखंड अध्यक्ष उमेश राम, मोरवा प्रखंड अध्यक्ष सूरज राम, कल्याणपुर प्रखंड अध्यक्ष संजय राम, पूसा प्रखंड अध्यक्ष रामनाथ राम, मोहनपुर प्रखंड अध्यक्ष चंदन राम, विभूतिपुर प्रखंड अध्यक्ष आनंदी राम, रोसड़ा प्रखंड अध्यक्ष लालन राम, माहे सिंघिया प्रखंड अध्यक्ष मन्नू राम सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।


