समस्तीपुर : पीएम किसान योजना में 1. 5 करोड़ का घोटाला, फेक अकाउंट के जरिए हुई हेराफेरी.

मोदी सरकार की सबसे लोकप्रिय और बड़ी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना( PM Kisan Saman Nidhi) में बड़ी हेराफेरी सामने आई है ।बिहार में किसान सम्मान निधि योजना में करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आने के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।खबरों के मुताबिक गरीब किसानों को मदद पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की इस योजना मे हेराफेरी कर करोड़ों रुपए कीफर्जीवाड़ा की गई है।

समस्तीपुर में केंद्र सरकार की किसान सम्मान राशि योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। ख़बरों के अनुसार कृषि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से गरीब और जरूरतमंद किसानों की जगह इनकम टैक्स भरने वाले करीब तीन हजार संपन्न लोगों को योजना का लाभ दे दिया गया। उनके खाते में दो से लेकर 10 हजार की राशि भेज दी गई।

बताया जा रहा है कि पूरा फर्जीवाड़ा करीब एक करोड़ 44 लाख 68 हजार रुपये का है। जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद केंद्र सरकार के कृषि विभाग, नई दिल्ली ने 1698 अवैध किसानों को अविलंब राशि लौटने का नोटिस भेजा है। इसकी जानकारी जिला कृषि पदाधिकारी को भी भेजी गई है। इस मामले में दोषी कई अधिकारियों और कर्मियों पर गाज भी गिर सकती है।

राशि नहीं लौटने पर होगी कार्रवाई : जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि एक हजार छह सौ 98 फर्जी लाभुकों को नोटिस दी गई है। जिन किसानों को नोटिस भेजा है, उसमें विभूतिपुर, बिथान, दलसिंहसराय, हसनपुर, कल्याणपुर, खानपुर, मोहनपुर, मोहिउद्दीनगर, मोरवा, पटोरी, पूसा, रोसड़ा, समस्तीपुर, सरायरंजन, शिवाजीनगर, सिघिया, ताजपुर, उजियारपुर, विद्यापतिनगर, वारिसनगर प्रखंड के लोग शामिल है।

कृषि विभाग ने राशि लौटाने के लिए वेबसाइट का पता भी नोटिस में दिया है। इसके साथ ही जिला कृषि कार्यालय, प्रखंड कृषि कार्यालय, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार के माध्यम से भी राशि को अविलंब लौटाने की सूचना संबंधित किसानों को दी जा रही है। समय पर राशि नहीं लौटाने वालों के खिलाफ कृषि विभाग कार्रवाई करने की भी तैयारी कर रहा है।

ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा : प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कृषि अधिकारी और कर्मचारियों की लापरवाही से 1698 किसानों ने योजना का लाभ ले लिया है। नियमानुसार यह योजना व्यवसायी या आर्थिक रूप से संपन्न किसानों के लिए नहीं है। केंद्र सरकार की कृषि विभाग के द्वारा जब आधार कार्ड से लाभुकों की जांच की गई तो वर्तमान में तीन हजार से अधिक किसान ऐसे मिले जिनकी आमदनी लाखों रुपये हैं और वह इनकम टैक्स भी जमा करते है।

1698 किसानों से वसूल की जाएगी राशि : इस घोटाले में सबसे अवव्ल कल्याणपुर प्रखंड है, जहाँ 182 किसानों ने 16 लाख रूपये की अवैध निकासी की है। इसके अलावे सरायरंजन में 202 किसानों से आठ लाख 90 हजार, उजियारपुर में 118 किसानों से 10 लाख 98 हजार, खानपुर में 118 किसानों ने 10 लाख 70 हजार, शिवाजीनगर में 103 किसानों से नौ लाख 32 हजार, सिघिया में 98 किसानों से नौ लाख 50 हजार, समस्तीपुर में 95 किसानों से 10 लाख 42 हजार, मोहिउद्दीनगर में 93 किसानों ने आठ लाख 20 हजार,

वहीं वारिसनगर में 82 किसानों से पांच लाख 12 हजार, मोरवा में 81 किसानों ने सात लाख 70 हजार, हसनपुर में 74 किसानों से छह लाख 62 हजार, बिथान में 68 किसानों से पांच लाख 96 हजार, विभूतिपुर प्रखंड के 67 किसानों को पांच लाख 78 हजार, रोसड़ा के 60 किसानों से चार लाख 64 हजार, पूसा के 56 किसानों से पांच लाख 26 हजार, ताजपुर में 55 किसानों से पांच लाख 50 हजार, पटोरी के 41 किसानों ने तीन लाख 44 हजार, विद्यापतिनगर में 40 किसानों से चार लाख 68 हजार, दलसिंहसराय में 35 किसानों से तीन लाख 30 हजार, मोहनपुर में 30 किसानों ने दो लाख 66 हजार रुपये वसूल किया जाना है।