समस्तीपुर में विवाहिता हत्याकांड में 17 साल बाद मां, बेटा व बेटी को उम्रकैद. | Samastipur Crime News

समस्तीपुर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजीव रंजन सहाय की अदालत ने मंगलवार को 17 वर्ष पुराने हसनपुर थाना क्षेत्र की एक विवाहिता की हत्या मामले में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है।

सजा पाने वालों में एक महिला व उसके तीन बेटे तथा बेटी शामिल हैं। कोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद हसनपुर थाना क्षेत्र के चंद्रपुर निवासी मृतका के पति संजीव कुमार चौधरी, देवर राजीव कुमार चौधरी व मुरारी चौधरी उर्फ चिरंजीवी, सास धर्मशीला देवी तथा ननद हथौड़ी थाना क्षेत्र के दसौत निवासी गंगा प्रसाद राय की पत्नी सीमा देवी को भादवि की धारा 302/34 में दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।

अर्थदंड नहीं देने पर सभी को छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने 304बी/34 में भी सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक शिवशंकर यादव व बचाव पक्ष से अधिवक्ता उपेन्द्र ठाकुर ने अपना-अपना पक्ष रखा। बता दें कि कोर्ट ने बीते 17 दिसम्बर को मामले में सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।

17 वर्ष पहले जलाकर कर दी थी विवाहिता की हत्या :

17 वर्ष पूर्व हसनपुर थाना क्षेत्र के चंद्रपुर में एक विवाहिता की जलाकर उनके ससुरालवालों ने ही हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतका किरण देवी के पिता बेगूसराय जिला के खोदाबंदपुर थाना के सिहमा निवासी रामबाबू राय ने हसनपुर थाना में कांड सं 144/04 दर्ज करायी थी। जिसमें मृतका के ससुर ब्रजनंदन चौधरी व कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए सभी पांच आरोपियों को आरोपित किया था। मृतका के पिता ने कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री की शादी 1997 में संजीव कुमार चौधरी से की थी।

शादी के बाद उनकी पुत्री को कोई संतान नहीं था, इसी बात को लेकर ससुरालवाले उसे बार-बार प्रताड़ना करते थे। ससुरालवालों ने जीप खरीदने को दो लाख रुपये भी मांगा था। इसको लेकर वे जान मारने की धमकी देते थे। मृतका के पिता ने आवेदन में कहा था कि 04 अक्टूबर 2004 को उन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने सूचना दी कि उनकी पुत्री की हत्या कर दी गयी है। सूचना पर पहुंचे तो बेटी के ससुरालवाले गायब थे और घर में ताला लटका था। पिता ने जलाकर मार दिए जाने का आरोप ससुरालवालों पर लगाया था। इस मामले में पुलिस ने भी छह आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दायर की थी। इसमें ब्रजनंदन चौधरी का निधन हो गया। जिसके बाद पांच आरोपियों का सत्रवाद सं 866/06 न्यायालय में चल रहा था।

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