समस्तीपुर के चर्चित मोनू हत्याकांड में दो को आजीवन कारावास, 20 हजार रुपये अर्थदंड भी. | Samastipur News

समस्तीपुर ज़िले के हसनपुर थाना क्षेत्र के युवक मोनू की हत्या के मामले की सुनवाई पूरी करते हुए बुधवार को एडीजे प्रथम राजीव रंजन सहाय ने दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

 

सजा बेगूसराय जिले के गढ़पुरा निवासी दिलखुश राम और संजीव झा को मिली। कोर्ट ने दोनों क़ो अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए जुर्माने की राशि भी निर्धारित की। भादवि की धारा 302/34 में सश्रम आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया।

 

वहीं धारा 325 में सात साल सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 504/34 में दो साल सश्रम कारावास, धारा 342 में एक वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त कारावास होगा। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक रामकुमार और बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता बैद्यनाथ प्रसाद सिंह व मोहन सिंह ने दलीलें पेश कीं। कोर्ट ने दोनों को एक दिसंबर को दोषी ठहराया था।

 

तगादा से लौट रहे मोनू की पीट-पीट कर दी थी हत्या :

23 अप्रैल 2016 की शाम हसनपुर थाना क्षेत्र के बदिया स्थित आरा मिल के समीप घात लगाये आरोपियों ने गोहा निवासी मोनू की जमकर पिटाई की थी। जिससे तीन बाद इलाज के दौरान पटना में उसकी मृत्यु हो गयी थी। आरोपियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया था जब मोनू गढ़पुरा से तगादा कर अपने घर लौट रहा था। इस मामले को लेकर मृतक के भाई सोनू ने हसनपुर थाना में कांड सं 92/16 दर्ज कराया था। जिसमें तीन आरोपियों को नामजद किया गया था। इसमें एक आरोपी नबालिग था, जिसे पृथक कर जुवेनाइल भेज दिया गया। वहीं उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ हसनपुर पुलिस ने चार्जशीट दायर किया था। जिसके बाद न्यायालय में सत्रवाद सं 627/17 की सुनवाई जारी थी। इस मामले में स्पीडी ट्रायल के द्वारा कुल 09 गवाहों की गवाही करायी गयी।