समस्तीपुर: सिंगल गांठ विधि से गन्ना उत्पादन में होगा बेहतर लाभ. Samastipur News

बिहार में कैश क्रॉप के रूप में गन्ना की खेती का रकवा बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक व किसानों की पहल तेज है।

इसको लेकर राज्य सरकार(Samastipur News) ने कुछ प्रभेदों को उत्तम श्रेणी में रखा है। इसमें ईख अनुसंधान संस्थान, पूसा की राजेंद्र गन्ना-1, बी.ओ.153, सीओपी. 9301 और सीओपी 112 अगात किस्में शामिल हैं। गन्ना वैज्ञानिक डॉ. बलवंत की मानें तो ईख फसल के विकास व रोजगार को बढ़ावा देने के लिए गन्ना विभाग भी है। बावजूद राज्य की चीनी मिलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। साथ ही अधिकतर चीनी मिलें दूसरे राज्यो की गन्ना प्रभेदो को खेतों में लगवाने को प्रयत्नशील रहती है।

जबकि मौसम अनुकूल राज्य में गन्ना प्रभेदो का विकास हुआ है। जो विपरीत परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन व रस उपलब्ध कराता है। ऐसे में स्थानीय प्रभेदो के विकास के साथ गन्ना उत्पादों को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। जिससे रोजगार सृजन के साथ किसानो को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि बीते साल जल जमाव और बाढ़ के कारण गुणवत्ता युक्त बीज की काफ़ी कमी हुई। ऐसी स्थिति में एकल गांठ पौधे की रोप कम बीज में अधिक क्षेत्र विस्तार का सराहनीय कदम है। अब किसान अपने आलू के खेत में अंतरवर्तीय खेती के तहत कतारो के बीच गन्ने के पौधे लगाने में रूचि दिखा रहे है।

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