समस्तीपुर के पैक्स अध्यक्ष शंभू की हत्याकांड का खुलासा, तीन लाख की ली गई थी सुपारी. Samastipur News

समस्तीपुर ज़िले के पटोरी प्रखंड के दरबा पैक्स अध्यक्ष शंभू राय की हत्या का पर्दाफाश हो गया है। पूर्व की दुश्मनी को लेकर हत्या की गई थी। तीन लाख की सुपारी लेकर हत्यारों ने शंभू को मौत के घाट उतार दिया। हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल तथा खोखा बरामद कर लिया गया है।

 

अपराधियों के पास से एक और पिस्तौल, हत्या में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल तथा अन्य सामान भी जब्त किया गया है। कांड के उद्भेदन के पश्चात प्रेस वार्ता के क्रम में पटोरी के डीएसपी ओमप्रकाश अरुण ने बताया कि उनके नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। इसमें थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल, शंभू प्रसाद यादव तथा पुलिस बलों को शामिल किया गया था। शूटर मनीष उर्फ मेघनाथ तथा लाइनर रघुवीर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

 

डीएसपी ओमप्रकाश अरुण ने बताया कि शंभू हत्याकांड के प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इसमें मुख्य अभियुक्त दरबा निवासी राम दर्शन राय उर्फ कन्हैया था। उससे शंभू की पुरानी दुश्मनी थी। गांव की ही एक महिला की हत्या के मामले में शंभू महिला का पक्षकार था जबकि कन्हैया उसमें नामजद अभियुक्त बनाया गया था। यह दुश्मनी इतनी बढ़ी कि कन्हैया ने शंभू की हत्या के लिए चकजलाल निवासी रघुवीर से मुलाकात की और रघुवीर ने अपने संबंधी के बेटे सरोज से संपर्क किया।

 

यह दोनों पूर्व में भी बाइक लूट की घटना में जेल जा चुके थे। सरोज ने हत्या के लिए अपने एक साथी मुकुंदपुर निवासी मनीष से संपर्क साधा और इन दोनों से उसकी मुलाकात कराई। बात 3 लाख रुपए पर फाइनल हुई और कन्हैया ने 10 हजार एडवांस भी दे दिए। जनवरी के प्रथम सप्ताह में ही चारों की मुलाकात बाजितपुर हाट के पास हुई और वहीं हत्या की साजिश रची गई। कन्हैया ने शंभू की तस्वीर भी उन्हें दिखाई। इस बीच लगातार प्रयास के बाद सफलता न मिलने पर सरोज मुंबई चला गया और हत्या का जिम्मा मनीष ने उठा लिया।

 

हत्या के लिए बाइक रघुवीर ने उपलब्ध कराई जो पल्सर काले रंग की चोरी की थी। 27 जनवरी को रघुवीर ने मनीष को सूचना दी कि शंभू पटोरी गया हुआ है। काफी ढूंढने के बाद भी मनीष को जब वह नहीं मिला तब जगदंबा स्थान पर मनीष नाश्ता करने चला गया। वहां उसने शंभू को देख लिया और शाम 6 बजे उसने पीछा करना शुरू किया। चंदन चौक पर रेलवे क्रॉसिग बंद होने के कारण शंभू अंधेरे में बाइक लगाकर मोबाइल से बात करने लगा।

 

मनीष बाइक रिटर्न कर वहीं खड़ा कर दिया और नाम पूछकर उसके सिर में गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह पुरानी बाजार के रास्ते तिवारीपुर होते हुए धमौन, सरारी, बिनगामा के रास्ते लौटा और बाइक को बहादुरपुर पटोरी के समीप कटहाटोल के पास फेंक दिया। अगले दिन पुलिस ने उस बाइक को बरामद कर ली थी। उसपर कोई नंबर अंकित नहीं था। डीएसपी ने बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार अपराधियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

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