समस्तीपुर में घोटाले के आरोप में पूर्व मुखिया को निगरानी ने किया गिरफ्तार. Mukhiya Ji Samastipur

Mukhiya Ji Samastipur : समस्तीपुर ज़िले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के सिवैसिंगपुर पंचायत की पूर्व मुखिया उर्मिला देवी को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार की सुबह उनके घर से यह गिरफ्तारी की गई। मोहिउद्दीननगर थाना की पुलिस भी निगरानी टीम के साथ थी।

जानकारी के अनुसार सिवैसिंगपुर पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में पहुंचकर यह शिकायत की थी कि सिवैसिंगपुर पंचायत में मनरेगा सहित विभिन्न विकास योजनाओं में लूट-खसोट करते हुए राशि गबन कर ली गई है। उनकी शिकायत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को इसकी जांच करने का निर्देश दिया। आदेश के आलोक में इसकी जांच की गई।

जांच के क्रम में राशि गबन करने की बात सामने आने पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना में कांड संख्या 78/2009 दर्ज की गई। इसमें तत्कालीन मुखिया उर्मिला देवी, उपमुखिया रघुनाथ ठाकुर, पंचायत सचिव लक्ष्मी राम, रोजगार सेवक रंधीर कुमार और कनीय अभियंता अमरेश ठाकुर को आरोपित किया गया। निगरानी विभाग की टीम पहले भी पूर्व मुखिया को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है।

 

जनप्रतिनिधियों में भी मच गया हड़कंप: Mukhiya Ji Samastipur

इधर, गुरुवार की सुबह सिवैसिंगपुर पहुंचकर पूर्व मुखिया उर्मिला देवी को निगरानी विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया और पटना ले गई। जिस समय यह गिरफ्तारी हुई, उस समय मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष उमेश पासवान के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस भी थी। मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष ने बताया कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम राशि गबन के मामले में पूर्व मुखिया को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। इधर, करीब 13 साल बाद पंचायत की विकास राशि को गबन करने के मामले में गिरफ्तारी होने के बाद अन्य जनप्रतिनिधियों में भी हड़कंप मच गया है। सुबह से ही सिवैसिंगपुर सहित अन्य पंचायतों में इसको लेकर चर्चा हो रही है।

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