Loan Camp 2023 : बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका ! सरकारी सहायता से शुरु करें अपना बिजनेस, इस दिन यहां लग रहा मेगा ऋण शिविर.

PMEGP Loan Camp 2023 : पीएमईजीपी एक प्रमुख क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है,  जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं की सहायता करना और  गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से स्व-रोजगार के अवसर पैदा करना है.

 

Loan camp in Samastipur : समस्तीपुर जिले के बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका है. बिहार राज्य के उद्योग विभाग द्वारा बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एवं सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (PMFME) के तहत ऋण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. इस योजना के तहत जिले सभी पंचायतों में ऋण शिविर का आयोजन जायेगा. इस शिविर में इच्छुक अभ्यर्थी अपना स्वयं का बिजनेस शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त कर सकते है.

क्या है प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) :

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है, जिसे एमएसएमई ( MSME ) मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और शहरी (Loan camp in Samastipur) दोनों क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत बेरोज़गार युवाओं को उनका अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए 20 लाख रु. से 50 लाख तक का लोन दिया जाता है। आप जो व्यवसाय शुरू करने वाले हैं उसकी लागत का 5% से 10% तक आपको देना होता है, 15% से 35% तक सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में दिया जाता है और बाकी पैसा टर्म लोन के रूप में बैंक देता है, इसे PMEGP लोन भी कहते हैं। इस योजना के तहत सर्विस यूनिट के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट 20 लाख रुपये और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 50 लाख रु. तक के ऋणदिए जाते हैं।

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युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता :

प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना को दो योजनाओं, प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP), को मिलाकर बनाया गया है। ये दोनों योजनाएं युवाओं के बीच रोज़गार पैदा करने के लिए काम कर रही है।

अधिक से अधिक लोग लाभ उठाएं :

पीएमएफएमई व पीएमईजीपी के तहत माइक्रोप्लान के तहत कैम्प का आयोजन किया गया है. जिसके सफलता के लिए सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधक, जीविका अपने-अपने प्रखंड क्षेत्रों में सक्रिय हैं. जीविका द्वारा कैंप के संबंध में विस्तृत प्रचार-प्रसार किया जा रहा है एवं माइक्रोप्लान के तहत अधिक से अधिक दोनों योजनान्तर्गत ऋण आवेदन करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. जीविका द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिविर में प्रत्येक क्षेत्र के अधिक से अधिक लाभुक भाग लेकर योजना लाभ उठा सके.

कैंप का आयोजन की तिथि :

जिले में इस कैंप का आयोजन की तिथि समस्तीपुर अनुमंडल के सभी पंचायतों में 9 जनवरी व 16 जनवरी, पटोरी अनुमंडल के सभी पंचायतों में 10 व 17 जनवरी, दलसिंहसराय अनुमंडल के सभी पंचायतों में 11 व 18 जनवरी एवं रोसड़ा अनुमंडल के सभी पंचायतों में 12 व 19 जनवरी निर्धारित है.

  • समस्तीपुर अनुमंडल –  9 जनवरी व 16 जनवरी,
  • पटोरी अनुमंडल -10 व 17 जनवरी,
  • दलसिंहसराय अनुमंडल -11 व 18 जनवरी,
  • रोसड़ा अनुमंडल – 12 व 19 जनवरी निर्धारित है.

 

PMEGP लोन के लिए योग्यता :

PMEGP लोन व्यक्तियों के साथ -साथ अन्य संगठनों को भी प्रदान किया जाता है जो इस तरह के  टर्म लोन  के लिए निर्धारित योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं। योग्यता शर्तों के बारे में नीचे बताया गया है:

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अगर आवेदक 10 लाख रु. तक की लागत वाली सर्विस यूनिट और 25 लाख रु. तक की लागत वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए लोन लेना चाहता है, तो आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसने कम से कम 8 वीं कक्षा पास की हो।

ब्याज दर अलग-अलग बैंक व लोन संस्थानों पर निर्भर करती है
आय  न्यूनतम 18 वर्ष
अधिकतम प्रोजेक्ट कॉस्ट मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के लिए ₹25 लाख
सर्विस यूनिट के लिए ₹20 लाख
प्रोजेक्ट पर सब्सिडी  15% से 35%
योग्य आवेदक बिज़नेस मालिक, संस्थान, को-ऑपरेटिव सोसाइटी, चैरिटेबल ट्रस्ट व स्वयं सहायता समूह
शैक्षणिक योग्यता कम से कम 8वीं पास

प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के उद्देश्य :

PMEGP के चार मुख्य उद्देश्य हैं:

  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोज़गार पैदा करने के लिए नए बिज़नेस या प्रोजेक्ट शुरू करना और इसके लिए बिज़नेस लोन देना.
  • ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पारंपरिक कारीगरों और बेरोज़गार युवाओं को साथ लाना और स्वरोज़गार के रास्ते बनाना.
  • गांव में रहने वाले लोग रोज़गार की तलाश में शहरों में प्रवास न करें, इसे रोकने के लिए स्थायी रोज़गार प्रदान करना. यह विशेष रूप से उन पारम्परिक कारीगरों, भावी कारीगरों और ग्रामीण- शहरी बेरोज़गार युवाओं के लिए है जो पारंपरिक या मौसमी काम करने के बाद साल के बाकी दिनों में बेरोज़गार रहते हैं.
  • कारीगरों की कमाने की क्षमता बढ़ाने, ग्रामीण और शहरी रोज़गार की वृद्धि दर बढ़ाने पर ध्यान देना.

PMEGP के तहत सब्सिडी और बैंक लोन :

इस योजना में बैंक कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट की शेष राशि को माइक्रो यूनिट उद्यमी को टर्म लोन के रूप में प्रदान करते हैं। इस टर्म लोन को आमतौर पर PMEGP लोन के रूप में जाना जाता है।

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लाभार्थी श्रेणियाँ लाभार्थी का हिस्सा(कुल प्रोजेक्ट का) सब्सिडी दर(सरकार से) – शहरी सब्सिडी दर(सरकार से) – ग्रामीण
सामान्य 10% 15% 25%
विशेष 5% 25% 35%

पीएमईजीपी योजना के तहत इन प्रोजेक्ट के लिए मिलता है लोन :

  • एग्रो बेस्ड फूड प्रोसेसिंग
  • सीमेंट और संबद्ध उत्पाद
  • केमिकल/ पॉलिमर&मिनरल्स
  • कोल्ड स्टोरेज एंड कोल्ड चेन सॉल्यूशन
  • डेयरी और दूध उत्पाद
  • इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरण
  • फूड प्रोसोसिंग इंडस्ट्री
  • फॉरेस्ट इंडस्ट्री
  • हॉर्टीकल्चर- ऑर्गेनिक फार्मिंग
  • कागज और संबंधित उत्पाद
  • प्लास्टिक और संबंधित सेवाएं
  • सर्विस सेक्टर इंडस्ट्री
  • स्मॉल बिज़नेस मॉडल
  • कपड़ा और परिधान
  • कचरा प्रबंधन

PMEGP लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज :

PMEGP लोन आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है :

  • पासपोर्ट साइज़ फोटो के साथ विधिवत भरा हुआ एप्लीकेशन फॉर्म.
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट.
  • आवेदक का पहचान और पता प्रमाण.
  • आवेदक का पैन कार्डआधार कार्ड और आठवीं पास का सर्टिफिकेट.
  • यदि ज़रूरी हो तो स्पेशल कैटेगरी का सर्टिफिकेट.
  • उद्यमी विकास कार्यक्रम (EDP) प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट.
  • एससी / एसटी / ओबीसी / अल्पसंख्यक / पूर्व- सैनिक / पीएचसी के लिए सर्टिफिकेट.
  • एकेडमिक और टेक्निकल कोर्स का सर्टिफिकेट, अगर कोई हो.
  • बैंक या लोन संस्थान द्वारा ज़रूरी अन्य दस्तावेज.