Sharda Sinha : लोकगायिका शारदा सिन्हा का बिहार के सिस्टम पर तंज, पूछा – ‘ये अंधेर कब तक ?’ Samastipur News

Sharda Sinha : प्रसिद्ध लोकगायिका बिहार कोकिला शारदा सिन्हा ने सरकार से पूछा- ये अंधेर कब तक? साथ में अपनी सहेली का दर्द और अपना भी दर्द जब सामने लाया तो राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के वेतनादि मसलन पेंशन, महंगाई भत्ता आदि के लिए 401 करोड़ रुपए जारी कर दिया। शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के खाते में सोमवार-मंगलवार तक राशि पहुंच जाएगी।

 

Sharda Sinha : ये अंधेर कब तक ? यह सवाल बिहार ही नहीं देश की बड़ी लोकगायिका शारदा सिन्हा ने किया है। सवाल बिहार सरकार से है। उन्होंने बताया है कि उन्हें पिछले चार माह से पेंशन नहीं मिली है। शारदा सिन्हा ने अपनी सहेली की पीड़ा भी सोशल मीडिया पर लिखी है। पद्मभूषण शारदा सिन्हा ने अपने इस पोस्टर को बिहार सरकार, सहित पीएमओ को भी टैग किया है।

 

शारदा सिन्हा कहा है कि ‘Dr. Isha Sinha , मेरी संगिनी ही नहीं बल्कि जीवन का एक अभिन्न अंग बनकर मेरे साथ मेरे कार्य काल में रहीं। LNMU , दरभंगा में पीजी हेड से रिटायर हुईं थीं। जबसे मैंने कॉलेज का शिक्षण कार्य शुरु किया था तब से मेरे साथ सखी सहेली और न जाने कितने रूप में मेरा साथ देती रहीं। आज वो हमें अकेला छोड़ गईं। 2 साल अपने शारीरिक कष्ट, व्याधि और मानसिक पीड़ा से लड़ती रहीं, अंतिम समय में उनके दिमाग पर अपने परिवार को अकेला छोड़ जाने की पीड़ा का एक बहुत बड़ा कारण था कि- उनकी पेंशन की राशि पिछले 4-5 महीने से नहीं मिली थी।’

 

 

शर्मसार महसूस कर रहीं शारदा सिन्हा :

उन्होंने बताया कि ईशा के पति सच्चिदानंद जी ने कई पत्र लिखे सरकार के नाम, सरकार को उनकी पत्नी के हालत भी बताए। बावजूद इसके सरकार के कान पर जूं तक न रेंगी। पटना से समस्तीपुर और समस्तीपुर से पटना इलाज के दौरान दौड़ते रहे, पैसों के इंतजाम में सच्चिदानंद जी! …मेरी सखी ईशा जी तो चली गईं, और न जाने कितने बाकी हैं इस परेशानी को झेलने के लिए.. बस अब यही पता नही ! साथ ही यह बता दूं कि मैं भी पिछले 4 महीनों से बिना पेंशन ही हूं। क्या यही न्याय है बिहार सरकार या विश्वविद्यालय नियमों का? क्या मैं इसी राज्य का प्रतिनिधित्व करती हूं? शर्मसार ही महसूस करती हूं इस तरह की व्यवस्था में।’

 

LNMU के कुलपति बोले- सभी की पेंशन बकाया है :

LNMU के कुलपति सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा विभाग से पेंशन मद में ग्रांट नहीं मिली है इसलिए चार माह से पेंशन बकाया है। किसी खास की पेंशन रोकी गई हो ऐसा कोई मामला नहीं है। सभी की पेंशन बकाया है।

 

LNMU में सितंबर 2021 से पेंशन नहीं मिली :

जानकारी है कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पेंशनर्स और वेतन की राशि सितंबर 2021 के बाद से नहीं मिली थी। वहीं केएसडीएस विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को नवंबर 2021 से फरवरी तक की राशि जारी की गई है। इस विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों के लिए भी इसमें राशि दी गई है। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के लिए जनवरी और फरवरी 2022 तक के लिए राशि मंजूर की गई है।

 

महंगाई भत्ता भी :

जानकारी है कि जारी की गई राशि में महंगाई भत्ता भी है। सरकार ने महंगाई भत्ता 17 से बढ़ाकर 28 और 28 से 31 फीसदी किया है। महंगाई भत्ता जुलाई 2021 से फरवरी 2022 तक के लिए दिया गया है। जारी की गई सभी राशियां वित्तीय वर्ष 2021 -22 से जुड़ी हैं।

 

पेंशनर्स के लिए अलग कोष के गठन की मांग शारदा सिन्हा ने की :

बता दें कि लोकगायिका शारदा सिन्हा ने सरकार से और कुलाधिपति से पेंशनर्स के लिए अलग से कोष बनाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि रिटायर शिक्षकों को ग्रेच्युटी की राशि 50 फीसदी ही मिली है। राज्य सरकार में 31 फीसदी डीए का भुगतान होता है लेकिन LNMU में 17 फीसदी डीए ही दिया जा रहा है।

 

 

 

 

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