22 जुलाई से श्रावणी मेला, मुख्य सचिव ने 5 जुलाई को बुलाई मीटिंग, बाबाधाम कांवड़ यात्रा पर फोकस.

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम में 22 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले की तैयारियों में देरी हो रही है। कांवरियों के लिए गंगा घाट अब तक तैयार नहीं हो पाया है, जबकि मेले के शुरू होने में अब सिर्फ 10 दिन बचे हैं। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट खतरनाक हो गए हैं और बैरिकेडिंग भी टूट चुकी है।

मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा की अध्यक्षता में 5 जुलाई को श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। लाखों कांवरिये अजगैबीनाथ धाम से गंगा जल लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम तक जाते हैं।

सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को जलस्तर 26.77 मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 26.91 मीटर हो गया। जलस्तर बढ़ने से अजगैबीनाथ मंदिर घाट और सीढ़ी घाट खतरनाक हो गए हैं। मिट्टी धंस रही है और नगर परिषद द्वारा लगाए गए बांस बैरिकेड ध्वस्त हो चुके हैं।

श्रावणी मेले की शुरुआत 22 जुलाई से होने वाली है, लेकिन कांवरियों का आगमन पहले ही शुरू हो जाएगा। बाढ़ प्रमंडल भागलपुर द्वारा बनाए जाने वाले गंगा घाट का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। बैरिकेडिंग से पहले घाट का समतलीकरण भी किया जाना है, जो अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है।

   

बंगाल से आने वाले कांवरियों के कारण 16 जुलाई से पहले ही सुल्तानगंज में भीड़ बढ़ने की संभावना है। अजगैबीनाथ गंगा घाट पर पंडित गोपाल मिश्र ने बताया कि प्रशासन द्वारा लगाए गए बांस बैरिकेडिंग ध्वस्त हो गए हैं और नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल भागलपुर के जेई पितांबर चौधरी ने बताया कि मंगलवार से कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और जहां-जहां अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता होगी, उसे सीओ से संपर्क कर हटवाया जाएगा। 15-16 जुलाई तक गंगा घाट सुव्यवस्थित कर लिया जाएगा।

गंगा घाट पर स्नान कर रहे श्रद्धालु सुमित कुमार ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से घाट खतरनाक बन गया है और श्रद्धालु गंगा में प्रवेश करने से भयभीत हैं। स्थानीय दुकानदार पवन यादव का कहना है कि गंगा स्नान के लिए गंगा में प्रवेश करने से श्रद्धालु डरते हैं।

मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा 5 जुलाई को श्रावणी मेले की तैयारियों पर बैठक करेंगे। इस बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों के अलावा प्रमंडलीय आयुक्त, पटना, भागलपुर, सारण, जमुई समेत अन्य संबंधित जिलों के डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में कांवरियों की सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।

सुल्तानगंज समेत राज्य के 16 स्थानों पर श्रावणी मेला का आयोजन किया जाता है। सभी स्थानों पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और जल्द ही संबंधित जिलों को आवंटन जारी किया जाएगा।

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