क्या भाजपा का फ्री कोरोना वैक्‍सीन का वादा आचार संहिता का उल्‍लंघन है? जानिए क्या कहा चुनाव आयोग ने.

बिहार चुनाव में भाजपा के फ्री कोरोना वैक्‍सीन के वादे को चुनाव आयोग ने क्‍लीन चिट दे दी है। आयोग ने कहा है कि यह वादा चुनाव आचार संहिता का उल्‍लंघन नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने इस मामले चुनाव आयोग से शिकायत की थी।

भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए अपने संकल्‍प पत्र (घोषणा पत्र) में बिहार में कोरोना का फ्री टीका लगवाने का वादा किया है। इस पर बिहार में सियासत गर्मा गई थी। विपक्षी दलों ने भाजपा पर चुनाव आचार संहिता के उल्‍लंघन का आरोप लगाया था। हालांकि भाजपा नेता लगातार कह रहे थे पार्टी के वादे से कहीं भी आचार संहिता का उल्‍लंघन नहीं हुआ है। अब चुनाव आयोग ने भी इस पर मुहर लगा दी है।

आरटीआई कार्यकर्ता ने की थी ये शिकायत : आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने 28 अक्‍टूबर को चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि फ्री वैक्‍सीन की घोषणा केंद्र सरकार की शक्तियों का दुरुपयोग और मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश है। ये वादा ऐसे समय में किया गया है जिस समय वैक्सीन नीति तक तय नहीं की गई है।

क्‍या कहा है चुनाव आयोग ने : चुनाव आयोग ने भाजपा के फ्री कोरोना वैक्सीन के वादे को आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना है। साकेत की शिकायत का जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता के तीन प्रावधानों का उल्‍लेख किया है। जिसके मुताबिक घोषणा पत्र में संविधान के प्रतिकूल कोई बात नहीं होनी चाहिए। ऐसे किसी वादे से बचना चाहिए जो चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता का उल्‍लंघन करता हो या मतदाताओं पर कोई अवांक्षित प्रभाव डालता हो।

मतदाताओं का विश्‍वास जीतने के लिए वही वादे किए जाने चाहिए जिन्‍हें पूरा किया जा सकता हो। आयोग ने कहा कि अलग-अलग चुनाव में राजनीतिक पाटियां अपना घोषणापत्र जारी करती हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि इस मामले में इनमें से किसी प्रावधान का उल्‍लंंघन नहीं हुआ है। कल्‍याणकारी योजनाओं को आचार संहिता से बाहर रखे जाने की पहले भी मिसाल रही है।

कांग्रेस की NYAY योजना को भी नहीं माना था आदर्श संहिता का उल्‍लंघन : 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की NYAY योजना के वादे पर चुनाव आयोग ने यही रुख अपनाया था। तब कांग्रेस के विरोधियों ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। NYAY योजना कांग्रेस ने 25 करोड़ लोगों के लिए हर महीने न्यूनतम 6,000 रुपये या प्रति वर्ष 72,000 रुपये आय का वादा किया था।

पांच मई 2019 को जारी अपने आदेश में चुनाव आयोग ने इन्‍हीं प्रावधानों का उल्‍लेख करते हुए NYAY योजना के खिलाफ मामले को खत्‍म कर दिया था। तब कहा गया कि संविधान में प्रतिष्‍ठापित राज्य के नीति निर्देशक तत्व राज्‍य को नागरिकों के लिए विभिन्‍न कल्‍याणकारी कदम उठाने का आदेश देते हैं। इसके आधार पर कांग्रेस की NYAY योजना को कल्‍याणकारी योजना मानते हुए आयोग ने कहा था कि इससे निर्वाचन प्रक्रिया की पवित्रता पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा और न ही मतदाताओं पर कोई अवांक्षित प्रभाव पड़ने की आशंका है।

तब चुनाव आयोग ने कांग्रेस की योजना को आदर्श आचार संहिता का उल्‍लंघन मानने से इनकार कर दिया था। जानकारों के मुताबिक एक घोषणा पत्र राजनीतिक दलों को ऐसे ऐलान करने की आजादी देता है जो वे बतौर सरकार नहीं कर सकते। पूर्व मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त विक्रम सम्‍पत कहते हैं, ‘राजनीतिक दलों को ऐसे वादे करने का अधिकार है। यह मतदाताओं पर है कि वे इसे किस रूप में लेते हैं। अपने ऊपर अवांक्षित प्रभाव मानते है या नहीं।’

भाजपा के 11 संकल्‍पों में फ्री वैक्‍सीन का वादा : बिहार के लिए भाजपा ने अपने विजन डाक्‍यूमेंट में 11 संकल्प किए हैं। इनमें सबसे पहला है कि अगर सत्ता में आए तो कोरोना वैक्सीन का मुफ्त टीकाकरण किया जाएगा। बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में 19 लाख नौकरी देने का भी वादा किया है।