समस्तीपुर में ऑनर किलिंग में एक को फांसी व दो को सश्रम उम्र कैद की सजा. Samastipur News

समस्तीपुर ज़िले के रोसड़ा अनुमंडल के विभूतिपुर थाना अंतर्गत आलमपुर में हुई ऑनर किलिंग के मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम राजीव रंजन सहाय ने एक दोषी अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई वहीं अन्य दो को सश्रम आजीवन कारावास का आदेश पारित किया।

सात वर्ष पूर्व प्रेमी युगल की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के मामले से संबंधित प्राथमिकी संख्या 223/15 से जुड़े सत्रवाद संख्या क्रमशः 261/16 एवं 227 /18 तथा 388/18 में सजा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई। दोषी अभियुक्त आलमपुर के रामदेव सिंह के पुत्र देवानंद सिंह को कोर्ट ने भादवि की धारा 302/34-120(बी) में फांसी की सजा सुनाई वहीं दो अभियुक्तों रामदेव सिंह के ही पुत्र सुधीर सिंह एवं कापन निवासी एमचरित्र महतो के पुत्र गौरी कांत महतो को उपरोक्त धाराओं में सश्रम आजीवन कारावास एवं 25 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है।

जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतने का आदेश पारित किया है। भादवि की धारा 201 /34 में न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को तीन वर्षों का सश्रम कारावास एवं 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने तथा कारा मे संसिमित अवधि के सामंजन का आदेश दिया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई सुनवाई के दौरान सरकार पक्ष से अपर लोक अभियोजक शिव शंकर प्रसाद यादव एवं रामकुमार तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता परमेश्वर सिंह एवं सतीकांत सहनी ने अपना अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा। बताते चलें कि स्पीडी ट्रायल के तहत मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम ने विगत 22 फरवरी को उपरोक्त तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया था।

गांव से 500 मीटर की दूरी पर पेड़ से लटका मिला था युगल का शव:

ऑनर किलिंग के शिकार हुए प्रेमी प्रेमिका दोनों ही आलमपुर के ही निवासी थे। वर्ष 2015 में 6 नवंबर को गांव के महज 500 मीटर की दूरी पर कापन गांव स्थित बरगद के एक पेड़ से प्रेमी युगल का शव लटका हुआ मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा कराए गए पहचान में दोनो एक ही गांव का रहनेवाला बताया गया। प्रेमिका केदार प्रसाद की पुत्री मधु प्रिया उर्फ पुतुल (20) तथा प्रेमी गंगा प्रसाद के पुत्र दीपक कुमार (25) के रूप में उसकी पहचान हुई।

चौकीदार कृष्ण देव पासवान के बयान पर अज्ञात अपराधी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा किए गए वैज्ञानिक अनुसंधान एवं मिले साक्ष्य में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया था। जिसमें मधु प्रिया एवं दीपक कुमार के बीच जारी प्रेम प्रसंग लड़की के स्वजनों को यह नागवार गुजरा। और धोखे से युवक को अपने घर बुलाकर और उसके साथ ही बेटी को भी जहर देकर हत्या करने के पश्चात साक्ष्य छुपाने के लिए दोनों के शव को बरगद के पेड़ से लटका देना प्रमाणित हुआ था। इसमें चार लोगों की संलिप्तता पाई गई थी। इसमें से एक लड़की के भाई को नाबालिग होने के कारण किशोर न्यायालय को सिपुर्द किया गया। और दोषी करार दिए गए तीन को न्यायालय ने सोमवार को सजा सुनाई।

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